फेफड़ों को शुद्ध करने में कितना समय लगता है?HealthPlanet

Posted on Sat 17th Dec 2022 : 16:09

वायु प्रदूषण की वजह से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इनमें दिल की बीमारियां, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), स्ट्रोक, फेफड़ों का कैंसर और तीव्र श्वसन संक्रमण प्रमुख हैं। विशेषज्ञों की मानें तो सर्दी के दिनों में वायु प्रदूषण से फेफड़े और दिल को अधिक नुकसान पहुंचता है। वहीं, दिल और सांस संबंधी तकलीफों से जूझ रहे लोगों को कोरोना वायरस का खतरा अधिक रहता है। इसके लिए हमेशा मास्क पहनकर घर से बाहर निकलें और रोजाना योग जरूर करें। अगर आप भी सर्दी के दिनों में फेफड़ों को स्वस्थ और साफ़ रखने चाहते हैं, तो इन 5 तरीकों को जरूर अपनाएं। आइए जानते हैं-

अदरक वाली चाय पिएं

डॉक्टर्स सर्दी, खांसी और जुकाम से बचने के लिए अदरक वाली चाय पीने की सलाह देते हैं। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण पाए जाते हैं। अदरक शरीर में मौजूद टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करता है। साथ ही अदरक में पोटैशियम, मैग्नीशियम, जिंक और बीटा कैरोटीन पाए जाते हैं। इसके लिए फेफड़ों को स्वस्थ और साफ़ रखने के लिए रोजना अदरक वाली चाय पिएं। आप चाहे तो अदरक का जूस भी शहद के साथ सेवन कर सकते हैं।

दालचीनी वाली चाय पिएं

फेफड़ों को साफ़ करने में दालीचीनी अहम भूमिका निभाती है। इसका उपयोग फेफड़ों से संबंधित परेशानियों को दूर करने में किया जाता है। इसके लिए एक गिलास पानी में दालीचीनी के एक छोटे टुकड़े को डालकर उबालें। जब पानी आधा हो जाए, तो इसका सेवन करें। इसके सेवन से फेफड़ें स्वस्थ और साफ़ रहते हैं।

हल्दी पानी से गरारे करें

रात में सोने से पहले हल्दी एक गिलास गुनगुने गर्म पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर गरारे करें। हल्दी में करक्यूमिन पाया जाता है जो टॉक्सिन को फेफड़ों से बाहर करने में मदद करता है। साथ ही इसमें कई ऐसे गुण पाए जाते हैं, जिनसे सर्दी-खांसी और बलगम में आराम मिलते हैं।

गर्म पानी का भांप जरूर लें

फेफड़ों को साफ़ करने का यह सबसे सरल और उत्तम तरीका है। इससे फेफड़ों में मौजूद बलगम कम होने लगते हैं। इस उपाय को करने से बहुत जल्द आराम मिलता है। इसके लिए गुनगुने गर्म पानी में नीलगिरी का तेल डालकर भांप जरूर लें। यह सर्दी-खांसी को भगाने का रामबाण उपाय है।

प्राणायाम करें

रोजाना सुबह में प्राणायाम करें। इससे सांस संबंधी तकलीफें दूर हो जाती हैं। वहीं, फेफड़ें भी सुचारू ढंग से काम करने लगता है। साथ ही प्राणायाम करने के बाद तिल के तेल की एक-एक बूंद नाक के श्वसन मार्गों में रखें। इससे दुगुना फायदा प्राप्त होता है।

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